पाक्षिक प्रतिक्रमण श्रमण भगवन् ! नमस्कार करता हूँ । हृदय प्रतिष्ठापन धरता हूँ ।। कायोत्सर्ग भक्ति श्री सिद्धा- चार्य वन्दना आदरता हूॅं ।। सिद्ध अष्ट गुण दर्शन ज्ञाना । वीर्य, सूक्ष्म, अविचल श्रद्धाना ।। अवगाहन, गुण, अव्या-बाधरु, शगुन अगुरु लघु […]
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