बड़वाह के नेमि नाथ की पूजन धन ! बड़वाह बढ़-चढ़ पुण्य ।प्रतिमा लगी हाथ अनन्य ।।करुणा दया अवतारी ।‘रे महिमा नेमि प्रभु न्यारी ।। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं अर्हं तुष्टिं पुष्टिं च वर्धनंश्री नेमि-नाथ जिनेन्द्र !अत्र अवतर अवतर संवौषट्(इति […]

बड़वाह के नेमि नाथ की पूजन धन ! बड़वाह बढ़-चढ़ पुण्य ।प्रतिमा लगी हाथ अनन्य ।।करुणा दया अवतारी ।‘रे महिमा नेमि प्रभु न्यारी ।। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं अर्हं तुष्टिं पुष्टिं च वर्धनंश्री नेमि-नाथ जिनेन्द्र !अत्र अवतर अवतर संवौषट्(इति […]
खरगोन के बाबा महा-वीर स्वामी की पूजन रखते भर आँखों में नीरा ।बाबा खरगोन महा-वीरा ।बस झर-झर झिरा दिया फौरन, सुनते ही औरन दुख-पीड़ा ।सति द्रोपदि, यही कहे चन्दन,तड़-तड़ तड़ाट टूटे बन्धन ।बस कहा सहारा इक थारा,जा अक्षर पॉंत […]
लोहारदा के नेमि नाथ का पूजन विधान पूजनग्राम लोहारदा में,नेमि जिनराज विराजे ।माथ अपना झुका के,खड़े राजे महाराजे ।।मुझे रख लो चरणों में,है यही मेरी विनती ।आप अपने भक्तों में,हमारी कर लो गिनती ।। ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं अर्हं […]
सतवास के नेमिनाथ भगवान्की पूजन विधान *विनय-पाठ*अरिहन्त, सिद्ध, आचारज ।उवझाय, साधु चरणा-रज ।।दैगम्बर-प्रतिमा अ-प्रतिम ।जिन भवन किर-तिमा किर-तिम ।।नभ-चुम्बी, शिखर-जिनालय ।पच-रंगी, ध्वज, ग्रन्थालय ।।समशरण, जिनागम-धारा ।जिन-धर्म-अहिंसा न्यारा ।।कल्याण-धरा-रत्नत्रय ।जिन-सिद्ध-क्षेत्र-‘धर’-अतिशय ।।बिन तेरे कौन हमारा ।इक तेरा सिर्फ सहारा ।। जिन-वृषभ, अजित, […]
खातेगाँव के मुनिसुव्रत-नाथ भगवान्पूजन विधान *समर्पण भावना*टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली अपूर्व जाग ।चीर घना अंधकार,एक जग उठा चिराग ।‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’ हाथ लगी कस्तूरी,दूर दिखी दौड़-भाग ।यादें अवशेष द्वेष,चित् खाने चार राग ।‘धन्य घड़ी, […]
श्री मऊ जी के आदिनाथ भगवान् का पूजन विधान *समर्पण भावना*टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली अपूर्व जाग ।चीर घना अंधकार,एक जग उठा चिराग ।‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’हाथ लगी कस्तूरी,दूर दिखी दौड़-भाग ।यादें अवशेष द्वेष,चित् खाने चार राग […]
‘वर्धमान मंत्र’ ॐ णमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरिसहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, विवाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्भणे वा, मोहणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अवराजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।।ॐ ह्रीं वर्तमान शासन नायक श्री वर्धमान जिनेन्द्राय […]
‘वर्धमान मंत्र’ॐ णमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरिसहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, विवाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्भणे वा, मोहणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अवराजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।।ॐ ह्रीं वर्तमान शासन नायक श्री वर्धमान जिनेन्द्राय नमःअर्घं […]
‘वर्धमान मंत्र’ॐ णमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरिसहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, विवाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्भणे वा, मोहणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अवराजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।।ॐ ह्रीं वर्तमान शासन नायक श्री वर्धमान जिनेन्द्राय नमःअर्घं […]
‘वर्धमान मंत्र’ ॐ णमो भयवदो वड्ढ-माणस्स रिसहस्स जस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइ आयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम् जूये वा, विवाये वा रणंगणे वा, रायंगणे वा थम्भणे वा, मोहणे वा सव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम् अवराजिदो भवदु मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ते रक्ख-रक्ख स्वाहा […]
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