सवाल आचार्य भगवन् ! ओंकार धुनि को अनक्षरी कहा है लेकिन ‘ओं’ भी हो अक्षर है और ये नाद रूप में वाणी खिरने के पीछे क्या राज है ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब अद्भुत एकाक्षरी शब्द […]
-
Recent Posts
Recent Comments

सवाल आचार्य भगवन् ! ओंकार धुनि को अनक्षरी कहा है लेकिन ‘ओं’ भी हो अक्षर है और ये नाद रूप में वाणी खिरने के पीछे क्या राज है ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब अद्भुत एकाक्षरी शब्द […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं आपने कभी अपने मुँह से कफ नहीं थूका भगवन् ! ये तो मल है इसे निष्ठापित करने के लिए, अलग से एक समिति रखी गई है जाने फिर भी आपका क्या मन्तव्य है नमोऽस्तु […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन-69 पीर पराई, कर चाली दृग् नम । जय विद्या-सागरम् । तीर्थ सदलगा, जन्म शरद् पूनम ।। जय विद्या-सागरम् ।।स्थापना।। मण कलशे । भर जल से ।। लाये, आये हम । जय […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमांक 68 पाप नाग क्षय । हाँप भाग भय ।। मनु मोरनी आवाज, जय जयतु जय विद्या सागर महाराज । जय जयतु जय ।।स्थापना।। क्षीर नीर घट । नीर-क्षीर मत ।। […]
==आरती== आरती उतारो ले दीप, आओ मिल के ।छोटे-बाबा में, गुरु कुन्द-कुन्द झलके ।। मनोकामना पूर्ण ! हरतार दुखड़ा ।निकलंक पूनम शरद् चाँद मुखड़ा ।।भवि-भागन-वशि आये, दक्षिण से चल के ।छोटे-बाबा में, गुरु कुन्द-कुन्द झलके ।।१।। ग्राम ‘सदल-गा’ में अवतार […]
ग्रह अरिष्ट निवारक आरती आरती तीर्थंकर चौबीस । उतारें ग्रह-अरिष्ट निशिदीस ।। मान के भुवन-भुवन इक ईश । प्रफुल्लित रोम-रोम नत शीश ।। उतारें ग्रह-अरिष्ट निशिदीस ।। आरती तीर्थंकर चौबीस । लिये ‘ग्रह-सूर’ साथ परिवार । लिये ‘ग्रह-सोम’ साथ परिवार […]
भक्तामर आरती अमंगल हर । इक मंगल कर ।। आ उतारें आरति भक्तामर ।। आदि तीर्थकर यशोगान है । भक्तामर अपने समान है ॥ संकट मोचन । विघ्न विमोचन ।। पूरण मंशा । तम विध्वंशा ।। अमंगल हर । इक […]
शान्ति, कुन्थ, अर आरती निहारो मूरतिया शान्ति, कुन्थ, अर स्वामी की उतारो आरतिया चाँदी की थरिया ले सोने का दिया शान्ति, कुन्थ, अर स्वामी की उतारो आरतिया रत्न अपूर्व गगन से बरसे । स्वप्न देख महतारी हरषे ।। ‘रे जाने […]
पंचबालयति आरती ढ़ोल बजाओ धूम मचाओ पंचबालयत आरती उतारो आओ थाल सजाओ ज्योत जगाओ पंचबालयत आरती उतारो आओ सम्यक् दर्शन आरति पहली । दिखी आतमा उजली-उजली ।। भीतर आओ तुम भी तर आओ पंचबालयत आरती उतारो आओ सम्यक् ज्ञान आरती […]
आद भरत बाहुबली आरती आद आद सुत, बाहुबली की आओ आरती उतारो आओ आरती उतारो सोने का दीप बुला लो करपूरी बाती बालो आओ आरती उतारो आओ आरती उतारो आद साध इक कर्म दली की आद आद सुत, बाहुबली की […]
© Copyright 2021 . Design & Deployment by : Coder Point
© Copyright 2021 . Design & Deployment by : Coder Point