परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 945 जपो मन जय विद्या छिन छिन हो रात, या हो दिन छिन छिन जपो मन जय विद्या गदगद वयन भींगे नयन साथ गहरी श्रद्धा जपो मन जय विद्या छिन […]
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परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 945 जपो मन जय विद्या छिन छिन हो रात, या हो दिन छिन छिन जपो मन जय विद्या गदगद वयन भींगे नयन साथ गहरी श्रद्धा जपो मन जय विद्या छिन […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 944 देखा सपना अपना हुआ जय विद्या जपना हुआ ‘के पापों का कँपना हुआ जय-विद्या जय, जयतु जय, जय-विद्या जय ।।स्थापना।। जल गंगा साथ श्रद्धा भेंटूँ सविनय जय-विद्या जय देखा […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 943 जयतु जय, जयतु जय, जयतु जय आसमान नूर जय विद्या-सिन्ध-सूर जय साथ तन, मन-वचन योग त्रय जयतु जय, जयतु जय, जयतु जय विद्या-सिन्ध-सूर जय ।।स्थापना।। जैन दीक्ष चीर चीर […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 942 शिरोमण सन्त हैं चलते फिरते ग्रन्थ हैं गुरु कुन्द-कुन्द के माहन्त पन्थ के कलि शिरोमण सन्त हैं चलते फिरते ग्रन्थ हैं सूरि विद्या-सागर वन्दना सादर मेरी वन्दना सादर ।।स्थापना।। […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 941 वन्दना सादर मेरी वन्दना सादर जय सूरि विद्या सागर मेरी वन्दना सादर ।।स्थापना।। लिये रतनार जल गागर जय सूरि विद्या सागर वन्दना सादर मेरी वन्दना सादर जय सूरि विद्या […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 940 नहीं दूजा, नहीं दूजा, नहीं दूजा विद्या सागर जैसा सन्त नहीं दूजा दिग्-दिगन्त गगन पर्यन्त नहीं दूजा उतर कर स्वर्गों से, जिसे देवों ने पूजा विद्या सागर जैसा सन्त […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 939 गंगा की धारा का पावन नाम जपा नाम बन चाला बिगड़ा काम सन्त शिरोमण विद्या-सागर गंगा की धारा का पावन नाम जपा नाम बन चाला बिगड़ा काम सन्त शिरोमण […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 938 मन पावन होता है ‘जय-विद्या’ गुरु-मन्त्र से पतझड़ जैसा अपना जीवन सावन होता है मन पावन होता है आ मनुआ जप जय-विद्या साथ गहरी श्रद्धा धन्य आँगन होता है […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 937 जय विद्या, जय विद्या सागर सारे बोलो जय विद्या, जय विद्या सागर मिल के बोलो जय विद्या, जय विद्या सागर जोर से बोलो जय विद्या, जय विद्या सागर गुण […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 936 साँचे गुरु से लगन लगा ले रंग केशरिया चुनर रँगा ले मन-चाहा वर नाम लिखा ले मनके ‘जय विद्या’ अपना ले मन-चाहा वर नाम लिखा ले लगन लगा ले […]
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