परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 995 गुरुवर लेते अवतार करने भक्तों को पार भटकन संसार से दुख पारावार से करने भक्तों को पार गुरुवर लेते अवतार ।।स्थापना।। गंगा नदिया का नीर लाया जल सागर क्षीर […]
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