परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 1005 जैसे माँ को बच्चे प्यारे प्यारे गुरु को बच्चे सारे गुरु धरती के देव कहाते आ पूजा गुरुदेव रचाते ।।स्थापना।। नीर क्षीर-सागर ले आते आ पूजा गुरुदेव रचाते जैसे […]
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