==आरती== गुरु वरद पुत्र मां शारद ।कीजे आ-रति निःस्वारथ ।। चलते रस्ते से लग के ।पड़ते प्रपंच ना जग के ।।भज ज्ञान दिवस बढ़ चाला,कर ध्यान चली निश जग के ।।भारत गौरव प्रतिभारत ।गुरु वरद पुत्र मां शारद ।कीजे आ-रति […]
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==आरती== गुरु वरद पुत्र मां शारद ।कीजे आ-रति निःस्वारथ ।। चलते रस्ते से लग के ।पड़ते प्रपंच ना जग के ।।भज ज्ञान दिवस बढ़ चाला,कर ध्यान चली निश जग के ।।भारत गौरव प्रतिभारत ।गुरु वरद पुत्र मां शारद ।कीजे आ-रति […]
==आरती== ले माल दीपिका हाथों में ।गुरु की आरती उतारो आओ ।ले धार मोतिका आखों में ।।ले माल दीपिका हाथों में ।गुरु की आरती उतारो आओ ।।१।। नरक पतन डर चाले वन को ।वश में रखते अपने मन को ।।तन […]
==आरती== मोति सीप आखों में ।ले लो दीप हाथों में ।।उतारो आरती आओ,आओ गुरु के गुण गाओ ।। मां श्री मन्ती हाथ पूर्ण, चन्द्रमा लागा ।सदलगा इक ग्राम पुण्य, सातिशाय जागा ।श्रद्धा भक्ति प्रकटाओ ।उतारो आरती आओ,आओ गुरु के गुण […]
==आरती== धन भव मानव कर लीजे ।श्री गुरु की आ-रति कीजे ।। पाप कषाय भाव जीते ।अबर आडम्बर रीते ।।परहित नैन रखें तीते ।गम खाते गुस्सा पीते ।।हाथों में दीपक लीजे ।श्री गुरु की आ-रति कीजे ।।१।। वन जोवन बड़भागी […]
==आरती== हाथ घृत दीपक लिये सदैव ।कीजिये आरतिया गुरुदेव ।। कब दुठ से भी बोले तीखे ।श्री गुरु ने राग द्वेष जीते ।दृग् करुणा, क्षमा, दया तीते ।गुरुदेव देवता धरती के ।।ले चलें, पार दूसरे खेव ।हाथ घृत दीपक लिये […]
==आरती== धन-धन ! भव मानव कर लीजे ।गुरु चरणों की आरति कीजे ।। तन वस्त्राभरण नगन चाले ।डर नरक पतन जोवन चाले ।।हाथों में घृत दीपक लीजे ।गुरु चरणों की आरति कीजे ।।१।। कचलोंच करत, न डरत परिषह ।रह भीतर […]
==आरती== आरतिया कीजे ।थाल दिया लीजे ।।आरतिया पहली, सम्यक् दर्शन की ।शिव सीढ़ी पहली, सम्यक् दर्शन ही ।।हेत नेत्र भींजे । थाल दिया लीजे, आरतिया कीजे ।। आरतिया दूजी, सम्यक् अवगम की ।इक सांची पूंजी, सम्यक् अवगम ही ।।हेत नेत्र […]
==आरती== ।। आरती उतारो आओ । भोग नाग काले ।वन जोवन चाले ।घन गर्जन सुन के, आ तरु-तल ठाड़े ।।ज्योति घृत दीप जगाओ ।आरती उतारो आओ ।।१।। त्याग राग द्वेषा ।कर लुंचन केशा ।चतुपथ गुजर चली, शीत निश अशेषा ।।मोति […]
==आरती== ।। ले दिया, मैं उतारूॅं आरतिया ।।तुम मिले मुझे, सब कुछ मिल गया । दीप ने पाई ज्योती ।सीप ने पाया मोती ।नदारद बुद्धी खोटी ।नेह निस्पृह बपोती ।।श्वास पा गया, लौं जाता दिया ।।ले दिया, मैं उतारूॅं आरतिया […]
==आरती== आरती कीजे बारम्बार ।थाल दीपों की ले रतनार ।। छोड़ जीरण तृण-वत् घर बार ।हाथ घुंघर-लट श्याह उतार ।।चले वन जोवन वस्त्र उतार ।सुमन ले सांची श्रद्धा चार ।।थाल दीपों की ले रतनार ।आरती कीजे बारम्बार ।।१।। साधते संध्या […]
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