परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमांक 100 पर हित एक साधना,जिनका काम है ।छुपा भले नामों में, जिनका नाम है ॥रहे दूसरी कक्षा के,पढ़ने वाले ।श्री गुरु विद्या सागर तिन्हें ,प्रणाम है ।।स्थापना।। पता न दूर […]
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