परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक – 140 हित पूजन सविनय आया ।विद्या सागर मुनिराया ।।श्री-श्री गुरुदेव हमारे ।दुख दर्द मेंट दो सारे ।। स्थापना ।। विहसाने छल, जल लाया ।विद्या सागर मुनिराया ।।श्री श्री गुरुदेव हमारे […]
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