परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 350 =हाईकू=उनके भाग जागे,होओ आ खड़े म्हारे भी आगे ।।स्थापना।। एक नजर तुमनें जो दी उठा,मना ‘जल’सा ।। जलं।। भेंटूँ गंधा,ये जो काली नज़र दी तुमने हटा ।।चन्दनं।। भेंटूँ धाँ,कालीं ये […]
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