परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 704 =हाईकू=राहों पे टिकी नजर,आ जाईये लेने खबर ।।स्थापना।। नैन सजल, चरणों में आपके, चढ़ाऊँ जल ।।जलं।। कर वन्दन, चरणों में आपके चर्चूं चन्दन ।।चन्दनं।। झुका मस्तक,चरणों में आपके, भेंटूँ […]
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