परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 725 “हाईकू”गुरु,समान महावीर, मिटाने में लगे पीर ।।स्थापना।। आप ‘सिवा’ न, पाप विनाशक, सो भेंटूँ उदक ।।जलं।। आप ‘सिवा’ न पाप निकन्दन, सो भेंटूँ चन्दन ।।चन्दनं।। आप ‘सिवा’ न पाप […]
-
Recent Posts
Recent Comments
