परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 795 वीर को बाला चन्दन की, फ़िकर थी सुनते हैंआ श्री राम ने शबरी की,खबर ली, सुनते हैंमुझ-मीरा ए ! किशन, दे मुझे भी तो दो दर्शन, रक्खें कितनी शबर, हैं […]
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परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 795 वीर को बाला चन्दन की, फ़िकर थी सुनते हैंआ श्री राम ने शबरी की,खबर ली, सुनते हैंमुझ-मीरा ए ! किशन, दे मुझे भी तो दो दर्शन, रक्खें कितनी शबर, हैं […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 794 हाईकूअपनी पहचान, दी गुरु जी ने जिसे, अपनी मुस्कान,लागे हाथ किनारे हैं, चमके भाग सितारे हैं, उसके बारे न्यारे हैं, छू चला वो आसमान, दी गुरु जी ने जिसे, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 793 तुम ज्योति मैं दीप, तुम मोती मैं सीप, है आरजू यही, तुम यूँ ही, बने रहना समीप ।।स्थापना।। तुम पानी, मैं मीन, तुम दानी, मैं दीन, है आरजू यही, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 792 तू खुशबूमैं गुल हूँबिन तेरे, भगवन् मेरे !मैं रो दूँगा,जाँ खो दूँगा, मैं मछली, हैं जल तूमैं गुल हूँ, तू खुशबू ।।स्थापना।। हेत समकित, जल समर्पित, चरणन तेरे, भगवन् […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 791 कब अपने से जुदा माना है मैंने तुझे अपना खुदा माना है तेरे सिवा, कोई और मेरा अपना है भी तो नहीं तुझे पाने के सिवा, कोई और मेरा […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 790 चल दी होली सूनी, चल दी राखी सूनी, न ऐसा हो, गुरु जी अहो. ‘के चल दे दिवाली सूनी, बरसा दो कृपा, कृपया, बरसा दो कृपा ।।स्थापना।। छोडूंँ चरणन […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 789 कह दो ‘ना’ मुझे अपना मैं तेरा हूँ है मेरा तू कह दो ‘ना’ ।।स्थापना।। नैन भिंगाऊँ मैं, रतनारी, जलझारी, तुम्हें भिंटाऊँ मैं, स्वप्न इतना ‘के मुझे अपना, कह […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 788 देखें ये मेरे नयन, ‘के रात देखा सुपन, कुछ कर दो ऐसा, अय ! मेरे गुरु सा, गुजारिश, यही ख्वाहिश, न अरमान दूसरा, अय ! मेरे गुरु सा, ‘के […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 787 खुले किस्मत, गुरुदेव चरणों में, मिले जन्नत, आ बैठते पल गुरुदेव चरणों में, दृग्-सजल, आ बैठते पल गुरुदेव चरणों में ।।स्थापना।। भेंटते जल, गुरुदेव चरणों में, दृग्-सजल, आ बैठते […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 786 आपका जीवन सादा, ऊँचे विचारों वाला, सद्-गुण सितारों वाला, घर न किसके कर लेता है, उर न किसका हर लेता है, ताने तरुवर सा छाता आपका जीवन सादा ।।स्थापना।। […]
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