परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 905 =हाईकू= मैं पूछूँ हर रोज, ‘के कहो ? हुआ आहार कैसा । हो पता, किसी रोज, ‘के हुआ तेरा आहार कैसा ।। वो रोज जल्द ही आये, सिर्फ यही […]
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परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 905 =हाईकू= मैं पूछूँ हर रोज, ‘के कहो ? हुआ आहार कैसा । हो पता, किसी रोज, ‘के हुआ तेरा आहार कैसा ।। वो रोज जल्द ही आये, सिर्फ यही […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 904 कुछ तो मदद करो दरद-मन्द तुम हो मेरी मुझे तो मदद करो जुड़ना तुम हो मुझे बिछुड़ना तम से मुझे दरद-मन्द तुम हो मेरी मुझे तो मदद करो ।।स्थापना।। […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 903 =हाईकू= इधर का भी, भर गया है चौका उधर का भी । मैं भी आपका ही, ‘जि गुरु जी नहीं मैं अजनबी ।।स्थापना।। दृग्-जल चढ़ाऊँ मैं, आभरणों में अपने […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 902 बड़े अनमोल गुरु-मुख झिरते बोल अमृत मिसरी घोल बड़े अनमोल गुरु-मुख झिरते बोल ।।स्थापना।। दीखे भव जल तीर सुमरण हाथ अखीर बनता हृदय गभीर क्यों न भेंटूँ गंगा नीर […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 901 =हाईकू= इन तन से तेरे पास, मैं कभी-कभी आता हूँ । आये मन को कर कोशिश भी, न लौटा पाता हूँ ।। ये आँसु संग पवन, छू जाते, आ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 900 =हाईकू= अंधेरे इस जीवन को तुमने रोशन किया । पड़गाहन दिया, आकर, मेरे घर, शुक्रिया ।। बनाये आगे भी, रखना यूँ ही, ‘जि गुरु जी कृपा । देते रहना […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 899 क्षीर ने नीर को समझने में, देर कब की गुरुदेव ने पीर को समझने में, देर कब की कहो कभी बादलों को, कुछ लेते देखा जब देखा गुरुदेव को, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 898 =हाईकू= दे बता क्या तू मुझसे, मेरी गली से नाराज है । गुजरे तेज बिजली सा जो सुने न आवाज है ।। जो बन पडी कोई गुस्ताखी, तो दे […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 897 न नफा एक दफा अपना टोटा ही सही छोटा से छोटा ही सही लो भक्त बना मुझे अपना मुझे अपना लो अपना भक्त बना ।।स्थापना।। भेंटूँ घट जल साथ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 896 =हाईकू= अपने भक्तों का तुम, रखते हो ख्याल बहुत । दूर आँसुओं का जमीं, आना हुआ गाल बहुत ।। और ये भी है होता तब, सामने न होते जब […]
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