बड़वाह के नेमि नाथ की पूजन धन ! बड़वाह बढ़-चढ़ पुण्य ।प्रतिमा लगी हाथ अनन्य ।।करुणा दया अवतारी । ‘रे महिमा नेमि प्रभु न्यारी ।। स्थापना ।। दर्शन मात्र इक आनन्द । खोले रखो या दृग बन्द ।।भेंटूॅं क्यूँ […]
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बड़वाह के नेमि नाथ की पूजन धन ! बड़वाह बढ़-चढ़ पुण्य ।प्रतिमा लगी हाथ अनन्य ।।करुणा दया अवतारी । ‘रे महिमा नेमि प्रभु न्यारी ।। स्थापना ।। दर्शन मात्र इक आनन्द । खोले रखो या दृग बन्द ।।भेंटूॅं क्यूँ […]
उदय नगर के पार्श्व नाथ की पूजन मन को हरने वाली है ।मूरत अतिशय कारी है ।लेती श्री फल खाली है,और बना देती है बिगड़ी ।उदय नगर के पार्श्वनाथ की,महिमा बड़ी निराली है ।नयनन जल भर लाओ ‘री ।चरणन आन […]
लोहारदा के नेमि नाथ की पूजन विधान पूजन ग्राम लोहारदा में, नेमि जिनराज विराजे ।माथ अपना झुका के, खड़े राजे महाराजे ।।मुझे रख लो चरणों में, है यही मेरी विनती ।आप अपने भक्तों में,हमारी कर लो गिनती ।। स्थापना […]
सतवास के नेमिनाथ भगवान्की पूजन विधान *विनय-पाठ*अरिहन्त, सिद्ध, आचारज ।उवझाय, साधु चरणा-रज ।।दैगम्बर-प्रतिमा अ-प्रतिम ।जिन भवन किर-तिमा किर-तिम ।।नभ-चुम्बी, शिखर-जिनालय ।पच-रंगी, ध्वज, ग्रन्थालय ।।समशरण, जिनागम-धारा ।जिन-धर्म-अहिंसा न्यारा ।।कल्याण-धरा-रत्नत्रय ।जिन-सिद्ध-क्षेत्र-‘धर’-अतिशय ।।बिन तेरे कौन हमारा ।इक तेरा सिर्फ सहारा ।। जिन-वृषभ, अजित, […]
खातेगाँव के मुनिसुव्रत-नाथ भगवान्पूजन विधान *समर्पण भावना*टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली अपूर्व जाग ।चीर घना अंधकार,एक जग उठा चिराग ।‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’ हाथ लगी कस्तूरी,दूर दिखी दौड़-भाग ।यादें अवशेष द्वेष,चित् खाने चार राग ।‘धन्य घड़ी, […]
सिद्ध-चक्र मंडल विधानपंचम वलय *श्री वर्धमान मंत्र*ॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, वि-वाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्-भणे वा, मो-हणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अव-राजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।। नव देवता संस्तवन नव […]
सिद्ध-चक्र मंडल विधानचतुर्थ वलय *श्री वर्धमान मंत्र*ॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, वि-वाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्-भणे वा, मो-हणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अव-राजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।। नव देवता संस्तवन नव […]
श्री मऊ जी के आदिनाथ भगवान् का पूजन विधान *समर्पण भावना*टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली अपूर्व जाग ।चीर घना अंधकार,एक जग उठा चिराग ।‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’हाथ लगी कस्तूरी,दूर दिखी दौड़-भाग ।यादें अवशेष द्वेष,चित् खाने चार राग […]
सिद्ध-चक्र मंडल विधानअष्टम वलय *श्री वर्धमान मंत्र*ॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, वि-वाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्-भणे वा, मो-हणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अव-राजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।। नव देवता संस्तवन प्राणों […]
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