समर्पण भावना अमृत रूखा सूखा ।साधु न लौटा भूखा ।।पर धन पत्थर ढ़ेरी ।मुझपे...
आओ ‘री आओ ।सखि ! आओ ‘री आओ ।पर्व अठाई पूज रचाओ ।।आओ ‘री आओ ।अविनश्वर है...
दोहा सिद्ध, स्वर्ग-शिव सारथी,सूरि, पाठि, निर्ग्रन्थ ।जैन धर्म,...
परम पूज्य मुनि श्री १०८ अजय सागर जी महाराज का जीवन परिचय...
कुंदकुंद को नीत नमो, हृदय कुंद खुल जाय ।परम सुगंधीत महक में, जीवन मम भुल जाय...
एक बार भीषण गर्मी में विशाल वृक्ष के नीचे इकट्ठे हुये पशुओं से वनराज सिंह...
बन्धुओं विचार करो यदि मनुष्य का अगर सबसे पहला और निकट का सबंध होता है तो वह...
आदर्श घर वही है जहाँ अपने कुल की गरिमा के अनुरूप आचरण रखा जाता है । जहाँ...
नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कहा है- एक संस्कार वान माँ सौ शिक्षकों से भी...
जिसके हाथों में झूला की डोरी , वह नारी जगत का उध्दार करें ।जिसके वचनों में...
नौ दस माह कोख में रखकर माँ, ने मुझको पाला था ।किन्तु जन्म देकर फिर , भवसागर में...
देव नमो अरहन्त नित, वीतराग विज्ञान ।चन्दनषष्ठी व्रत कथा, कहूँ स्वपर हित जान...
