उत्तम क्षमा धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
(मुनि श्री अजय सागर जी) संसार में धर्म की आराधना श्रेष्ठ है। धर्म की आराधना से जीवो का जीवन सुखी-समृद्ध होता...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित रक्षाबंधन विधान पूजन जयतु सप्त-शत अकंपनादिक, विष्णु कुमार...
लघु संभव नाथ पूजन विधान सिमरा सिरफ सम्भव नाम ।संभव असम्भव सब काम ।।करुणा क्षमा भण्डारी ।जिन संभव जयतु...
लघु अजित-नाथ पूजन विधान हंस विवेकी ।अहिंस एकी ।प्रशंस नेकी ।देश विदेशा, और न ऐसा ।जयतु जयतु जय अजित जिनेशा...
लघु आदिनाथ पूजन विधान बाल हो चले बड़े ।माह छह अचल खड़े ।।चल हजार-चार इन ।त्याग तपस्या कठिन ।जयतु जयतु आदि...
