परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 210 निराकुल और न्यारे ।बच्चे जिनको प्यारे ।।रब से छोटे बाबा ।सब के तारण-हारे ।। स्थापना ।। बच्चे जब भी आते ।मुस्काँ नुख्सा पाते ।।जल ले आये, गुरु जी ! ।झूमते […]

परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 210 निराकुल और न्यारे ।बच्चे जिनको प्यारे ।।रब से छोटे बाबा ।सब के तारण-हारे ।। स्थापना ।। बच्चे जब भी आते ।मुस्काँ नुख्सा पाते ।।जल ले आये, गुरु जी ! ।झूमते […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमाक 209 ओ ! करने वाले करुणा । सुनते ! जो आता शरणा ।। होता बेड़ा पार । ‘कि गुरु की जय जयकार ।। महिमा अपरम्पार, ‘कि गुरु की जय जयकार […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 208 भाँती इन्दु नृसीहा ओ ।स्वाती बिन्दु पपीहा गो ।। गो संरक्षक गो शाला ।हित पूजन आये ग्वाला ।। स्थापना ।। जल नहिं मिल पाया स्वामी ।दुखियन पथ-अँखिंयन गामी ।।ले आये […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 207 निहारिये जी गुरु जी ।पधारिये जी गुरु जी ।।सूना-सूना हृदयासन ।करता सविनय आह्वानन ।।‘जि पधारिये जी गुरु जी ।निहारिये जी गुरु जी ।पधारिये जी गुरु जी ।। स्थापना ।। स्वीकारिये […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 206 ग्रीषम तरुवर-सी छैय्या हैं । नैय्या-गो यही खिवैय्या हैं । छोटे बाबा ! पा इन्हें आज । थिरकें गो ता-था-थैय्या हैं ।। स्थापना ।। गायों ने क्या ? इनको […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 205 गुरुदेवा !गुरुदेवा !है पास ही क्या,इन आँसुओं के सिवा,जो तुम्हें दूँ चढ़ा,गुरुदेवा !गुरुदेवा ।। स्थापना ।। गुरुदेवा !गुरुदेवा,है पास की क्या,इन जल कणों के सिवा,जो तुम्हें दूँ चढ़ा !गुरुदेवा,गुरुदेवा ।। […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 204 उठकर इनका सम्मान करें । गो इन्हें देख मुस्कान भरें ।। मानो ! दूजे ही गो पाला । गो शाला अहो-भाग ! ग्वाला ।। स्थापना ।। गो से गहरा […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 203 भुलाओ ना। रुलाना ना ।। ए वर्तमाँ वर्धमाँ, अब आ भी जाओ ना ।। स्थापना ।। नीर गागर । पीर सागर ।। मिरे देवता । पीर दें मेटा ।। […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 202 गुरुवर तुम ।सबसे प्यारे हो ।।गुरुवर तुम, जग से न्यारे हो ।। कीरत द्वारे हो, गुरुवर तुम ।तीरथ सारे हो,गुरुवर तुम ।। स्थापना ।। लिये नीर आँखन ।पाने तुम […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 201 महक-बगिया वही ।चहक चिड़िया वही ।।पर न आज भाँत और बढ़िया कहीं ।था क्योंकि-जुड़ा आतमा से तार न जिया ।।गुरु आपने दी जिन्दगी सँवार शुक्रिया ।बेशुमार शुक्रिया,बेशुमार शुक्रिया ।। स्थापना […]
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