परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 310 =हाईकू=आप जिन्दगी में क्या आये,विघटे, बदरा छाये ।।स्थापना।। श्री चरणों में, दे दो जगहजल स्वीकारो यह ।।जलं।। आभरणों में, दे दो जगहगंध स्वीकारी यह ।।चन्दनं।। पल-कर्णों में, दे दो […]

परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 310 =हाईकू=आप जिन्दगी में क्या आये,विघटे, बदरा छाये ।।स्थापना।। श्री चरणों में, दे दो जगहजल स्वीकारो यह ।।जलं।। आभरणों में, दे दो जगहगंध स्वीकारी यह ।।चन्दनं।। पल-कर्णों में, दे दो […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 309 ==हाईकू==इधरली जो उँठा नजर,गये हम तो तर ।।स्थापना।। स्वीकारो, गुरु केशरी !लाये भरी जल गगरी ।।जलं।। स्वीकारो, गुरु केशरी !ये गगरी चन्दन भरी ।।चन्दनं।। स्वीकारो, गुरु केशरी !गहरी, धाँ परात […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 308 ==हाईकू==सूनी हृदय वेदीका पधारिजो, स्वामिन् आईजो ।।स्थापना ।। लाये जल, ये स्वीकारोभौ जल से पार उतारो ।।जलं।। लाये चन्दन, ये स्वीकारो,मेरी भी ओर निहारो ।।चन्दनं।। लाये अक्षत, ये स्वीकारो,तेरा […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 307 =हाईकू= खो जाते दुक्ख ‘भौ’ बताते आ गुरु-पूजा रचाते ।।स्थापना।। स्वीकारो भावी शिव नागर, लाया जल गागर ।।जलं।। स्वीकारो पल-पल जागर, लाया गंध इतर ।।चन्दनं।। स्वीकारो ‘गुण-औ-रत्नाकर’ लाया घाँ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमांक 306 *हाईकू* अब न रहा नया, हुआ पुराना दो बरसा दया ।।स्थापना।। भेंटूँ उदक, द्वारे अपने पाऊँ कि गन्धोदक ।।जलं।। भेंटूँ चन्दन, स्वप्न छोड़ भी करूँ कभी दर्शन ।।चन्दनं।। भेंटूँ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 305 =हाईकू=सुन बलाएँ आप टारतेआये, ‘जि पुकारते ।।स्थापना।। ‘नागिन’ तारे,दृग् जल लिये हम भी खड़े द्वारे ।।जलं।। जश चन्दन दिश्-दिश्,लाये हम भी चन्दन घिस ।।चन्दनं।। सिंहासन की शूल,मैं भी लाया […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 304 -हाईकू- छोटे बाबा गो-शाला‘दो ला’ जीवन में उजियाला ।।स्थापना।। उदक नाम को, पर स्वीकार लो, गुरु कामगो ।।जलं।। चन्दन बस, पै स्वीकार लो, आया सुनके जश ।।चन्दनं।। धाँ थोड़ा, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 303 *हाईकू*मने दिवालीलिये आश ये,द्वार आये सवाली ।।स्थापना।। स्वीकारिये,श्री गुरु दृग् नम !लाये उदक हम ।।जलं।। स्वीकारिये,‘गिर् गुरु सुरम !लाये चन्दन हम ।।चन्दनं।। स्वीकारिये,‘जी’ ‘गुरु’ नरम !लाये तण्डुलं हम ।।अक्षतं।। स्वीकारिये,श्री […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 302 ==हाईकू==गुरु जीऐसे-वैसे-जैसे भीतेरे ही हम सभी ।।स्थापना ।। लो स्वीकार ये जल,आ रहे बड़ी दूर से ‘चल ।।जलं।। लो स्वीकार ये चन्दन,‘कि रास्ते की थके थकन ।।चन्दनं।। लो स्वीकार ये […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 301 “हाईकू”सुना, भागती आती जीत,आ जोड़ें गुरु से प्रीत ।।स्थापना।। लाये जल,‘कि ए ! कवीशखो जाये फेर ‘छः तीस’ ।।जलं।। लाये गंध,‘कि ए ! मुनीश‘जी’ जाग ले निशि दीस ।।चन्दनं।। लाये […]
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