परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 704 =हाईकू=राहों पे टिकी नजर,आ जाईये लेने खबर ।।स्थापना।। नैन सजल, चरणों में आपके, चढ़ाऊँ जल ।।जलं।। कर वन्दन, चरणों में आपके चर्चूं चन्दन ।।चन्दनं।। झुका मस्तक,चरणों में आपके, भेंटूँ […]

परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 704 =हाईकू=राहों पे टिकी नजर,आ जाईये लेने खबर ।।स्थापना।। नैन सजल, चरणों में आपके, चढ़ाऊँ जल ।।जलं।। कर वन्दन, चरणों में आपके चर्चूं चन्दन ।।चन्दनं।। झुका मस्तक,चरणों में आपके, भेंटूँ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 703 =हाईकू = मेरी कुटिया पर कीजिये कृपा, अबकी दफा ।।स्थापना।। आ दिखायेगा तू कभी तो झलक, भेंटूँ उदक ।।जलं।। आ छुडायेगा तू कभी तो बन्धन, भेंटूँ चन्दन ।।चन्दनं।। आयेगा […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 702 =हाईकू=कृपया गुरु जी लीजिये निहार, मेरा भी द्वार ।।स्थापना।। पा तुम्हें मेरी कुटिया तरी, भेंटूँ जल गगरी ।।जलं।। भेंटूँ चन्दन, आ आपने की मेरी कुटिया धन ।।चन्दनं।। भेंटूँ धाँ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 701 =हाईकू= हैं पाते नही चैन, तब तलक, ये मेरे नैन । झपाये बिन पलक पा लेते न तेरी झलक ।।स्थापना।। भेंटूँ उदक, पाऊँ घने-घने यूँ ही गन्धोदक ।।जलं।। घने-घने […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 700 ==हाईकू==दिन बहुत हुये, था मिला जब, पड़गाहन ।आज, कल में, दे फिर से दो अब, पड़गाहन ।। एकाध बार से, है मुश्किल बड़ा, मन भरना ।क्यों…क्योंकि ‘मन’ है मन-भर-ना, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 699 “हाईक” जग वाले तो समझे, समझूँ मैं, ‘जि आ जाओ ना ।।स्थापना।। आये कलश लिये जल, सुलझे ‘कि अटकल ।।जलं।। आये कलश ले चन्दन, सुलझे ‘कि उलझन ।।चन्दनं।। आये […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 698 =हाईकू=समाँ सावन, क्षमा-वाँ गुरु जी का आना आँगन ।।स्थापना।। ले गंग-नीर करूँ वन्दना, पाये ‘कि छू बन्ध ना ।।जलं।। ले दिव्य गन्ध करूँ वन्दना, पाये ‘कि छू द्वन्द ना […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 697 =हाईकू=जाने ये कैसे जुड़ गया तुझसे, गहरा रिश्ता ।था बिलकुल ही अलग, तुम्हारा…हमारा रस्ता ।। एक दफा, थी बस टिकी नजर, जा तुझ-पर । हैं तब से ही फिदा, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 696 “हाईकू”रात था देखा सपने में, पड़गा रहा मैं तुम्हें । और तुमने, जो ये पड़गाहन दे दिया हमें ।थमी सी रह गई है, धड़कन मेरे दिल की ।पल न थम […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 695 =हाईकू= पधारो म्हारे आँगना, गुरु जी है और माँग-ना ।।स्थापना।। महावीर ! मैं चढ़ाऊँ चरणन तेरे, दृग्-नीर ।।जलं।। निरंजन ! मैं चढ़ाऊँ चरणन तेरे, चन्दन ।।चन्दनं।। अविकारी ! मैं […]
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