परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 835 झूमूँ मैं होके मगन आया छूने में गगन पाके तुम्हारी शरण मेरे आराध्य गुरु नमन आराध्य गुरु नमन मेरे आराध्य गुरु नमन ।।स्थापना।। फूला नहीं समाऊँ मैं गागर नीर […]

परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 835 झूमूँ मैं होके मगन आया छूने में गगन पाके तुम्हारी शरण मेरे आराध्य गुरु नमन आराध्य गुरु नमन मेरे आराध्य गुरु नमन ।।स्थापना।। फूला नहीं समाऊँ मैं गागर नीर […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 834 मेरे आराध्य गुरु तुम्हीं से शुरु जीवन ये मेरा तुम्हीं पे खतम बरसाये रखना कृपा हरदम अय ! मेरे आराध्य गुरु जीवन ये मेरा तुम्हीं से शुरु, तुम्हीं पे […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 833 चहेरे से नूर टपकता है जिन्हें हर कोई पढ़ सकता है इतने मनहर, हर मन जिनको, टकटकी लगा कर तकता है जय विद्या सागर जय जिन-धर्म प्रभाकर जय सद्-गुण […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 832 शिख सिन्ध-ज्ञान सदलग गुमान जय जयतु जयतु जय मेरे भगवान् सदलग गुमान शिख सिन्ध-ज्ञान सदलग गुमान जय जयतु जयतु जय मेरे भगवान् ।।स्थापना।। लाया जल माया छ्ल कर लो […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 831 गुल मुस्कुराकर बुलबुल चहचहाकर तू शत शरद जिये और क्या यही तो कहे, कुल मिलाकर जय विद्यासागर जयतु जय विद्यासागर ।।स्थापना।। गगरिया सुनहरी क्षीर जल से भरी भेंटूँ तुम्हें […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 830 नन्द श्री-मन्त शिरोमणी सन्त साथ श्रद्धा सुमन सिन्ध-विद्या नमन ।।स्थापना।। हेत सम-दरश भेंट जल कलश साथ श्रद्धा सुमन सिन्ध-विद्या नमन नन्द श्री-मन्त शिरोमणी सन्त साथ श्रद्धा सुमन सिन्ध-विद्या नमन […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 829 नमो नमः नमो नम: विद्या गुरवे नमो नम: नमो नमः नमो नम: ।।स्थापना।। इक खुद सा जल कलशा भेंटूँ शचि भरतार समाँ नमो नमः नमो नम: विद्या गुरवे नमो […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 828 वन्दना वन्दना वन्दना श्रीमन्त नन्दना वन्दना वन्दना वन्दना वन्दना ।।स्थापना।। क्षीरजल, मण-कलश हेत सम्यक्-दरश भेंट सानन्दना वन्दना वन्दना वन्दना श्रीमन्त नन्दना वन्दना वन्दना वन्दना वन्दना ।।जलं।। झार चन्दन मलय […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 827 जुड़े पुण्य अक्षत नाता आओ गायें गुरु गाथा गुरु से बढ़ के और नहीं इक सुर, सुर न कौन गाता अखर अखर श्रुत बतलाता सद्-गुरु एक जगत्-त्राता आओ गायें […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 826 यूँ ही गुरुदेव कृपा बरसाये रखना सदैव एक अरदास निकले मेरी अंतिम श्वास करते हुये तेरे चरणों की सेव यूँ ही गुरुदेव कृपा बरसाये रखना सदैव ।।स्थापना।। चढ़ाऊँ प्रासुक […]
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