परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 319 =हाईकू= तारे,नभ पा गये, ढेर सारे,मैं भी खड़ा द्वारे ।।स्थापना।। चढ़ाऊॅं जल,‘कि कल फिर आना, ए महामना ! ।।जलं।। भेंटूँ चन्दन,इस ओर लाना ‘कि चरण पुनः ।।चन्दनं।। भेंटूँ धाँ शाली,‘कि […]

आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 319 =हाईकू= तारे,नभ पा गये, ढेर सारे,मैं भी खड़ा द्वारे ।।स्थापना।। चढ़ाऊॅं जल,‘कि कल फिर आना, ए महामना ! ।।जलं।। भेंटूँ चन्दन,इस ओर लाना ‘कि चरण पुनः ।।चन्दनं।। भेंटूँ धाँ शाली,‘कि […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 318 =हाईकू= मुझ हनुमत् श्री राम !बना भी दो, बिगड़े काम ।।स्थापना।। भरी झोलियाँ,चढ़ाने उठाते ही, कं कलशियाँ ।।जलं।। भरी झोलियाँ,चढ़ाने उठाते ही, गन्ध झारियाँ ।।चन्दनं।। भरी झोलियाँ,चढ़ाने उठाते ही, धाँ […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 317 **हाईकू** भरी रोशनी तारों में,खड़े हम भी, कतारों में ।।स्थापना।। लेके दृग् नम सहमें आये,गुरुजी ! जल लाये ।।जलं।। लेके नगमे भक्ति के आये,गुरुजी ! गंध लाये ।।चन्दनं।। लेके […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 316 ==हाईकू== माँ श्री मन्ती के लाल,गिर न जाऊँ मैं, लो संभाल ।।स्थापना।। पाने आपकी करुणा,लाये जल, आये शरणा ।।जलं।। पाने आपकी-शरणालाये गंध,आये शरणा ।।चन्दनं।। पाने आप सा सपना, लाये […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 315 ==हाईकू== सँभालों,नूरे-आसमानीगर्दिशों में जिन्दगानी ।।स्थापना।। लाये जल के भरे घड़े, दो बना काम बिगड़े ।।जलं।। लाये चन्दन-घट भरे, दो बना काम बिगड़े ।।चन्दनं।। लाये परात धाँ गहरे, दो बना […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमांक 314 हाईकू पिता मल्लप्पा दृग् तारे, मेंटो दुक्ख दरद सारे ।।स्थापना।। अजनबी ये अपना लिया,आया मैं तर नैना ।।जलं।। अपनाया जो तुमने हमें, भेजूँ चन्दन तुम्हें ।।चन्दनं।। अपना के जो […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 313 हाईकू प्रार्थना-दिन-रैनगुरुदेव !आ-निवसो नैन ।।स्थापना।। फेर निन्यानौ छकाऊँ,कुछ कीजो, जल चढ़ाऊँ ।।जलं।। आ अब आपे में जाऊँ,कुछ कीजो, गंध चढ़ाऊँ ।।चन्दनं।। सुनूँ, अब न सुनाऊँ,कुछ कीजो, सुधाँ चढ़ाऊँ ।।अक्षतं।। […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 312 ==हाईकू== दो छत्रच्छायाशरण थारी आयाओ ! ऋषि राया ।।स्थापना।। कटने पाप से,ले जल आया श्री द्वारे आपके ।।जलं।। छूटूँ संताप से,ले चन्दन आया, द्वारे आपके ।।चन्दनं।। जुड़ने आप जाप से,ले […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 311 ==हाईकू== दृग्-रस्ते गुरु जी आइजो । आ ‘जि आ समा जाइजो ।।स्थापना।। मुस्कुरा-एक बार दो, जल लाये हैं, स्वीकार लो ।।जलं।। दृग् उठा एक बार दो, गंध लाये है, […]
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 310 =हाईकू=आप जिन्दगी में क्या आये,विघटे, बदरा छाये ।।स्थापना।। श्री चरणों में, दे दो जगहजल स्वीकारो यह ।।जलं।। आभरणों में, दे दो जगहगंध स्वीकारी यह ।।चन्दनं।। पल-कर्णों में, दे दो […]
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