परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 509 “हाईकू”हँसना, ‘हँसें-बच्चे रोयें’रोवना, माँएँ आईना ।।स्थापना।। पदवी पाने अविचलश्री गुरु ! भेंटूँ ये जल ।।जलं।। पदवी पाने निरंजन, श्री गुरु ! भेंटूँ ये चन्दन ।।चन्दनं।। पदवी पाने शाश्वत, सिरी-गुरु […]
