परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 659 हाईकू त्राहि माम् करे नाक में दम म्हारी, ये धारी-मारी ।।स्थापना।। भौ-सिन्धु तीर पाने, आये, उदक लाये चढ़ाने ।।जलं।। गवाने न्याय-काने, आये, चन्दन लाये चढ़ाने ।।चन्दनं।। जमाने ताने-बाने, आये, […]
