सवाल आचार्य भगवन् ! मेरे दिन का चैन, रातों की नींद उड़ गई है मेरी । मैनें पण्डित जी के मुख से, जबसे यह सुना है ‘कि सम्यग्-दृष्टि लाख, हजार नहीं, इस समय सिर्फ दो चार ही हैं । अँगुलियों […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! मेरे दिन का चैन, रातों की नींद उड़ गई है मेरी । मैनें पण्डित जी के मुख से, जबसे यह सुना है ‘कि सम्यग्-दृष्टि लाख, हजार नहीं, इस समय सिर्फ दो चार ही हैं । अँगुलियों […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जिन भागचन्द्र जी सोनी ने आपकी अल्प-वय में दैगम्बरी दीक्षा होते देख, विपक्ष की कमान सँभाली थी, था कहा ‘के “दिगम्बर मुद्रा कोई बच्चों का खेल नहीं है, अच्छे-अच्छे सुभट, अपना एक कदम अभी बढ़ा भी […]
सवाल आचार्य भगवन् ! चार अंगुल का फासला तय कर के फिर कह रहा हूँ, नाक को बोझिल न करूँगा, ऐसी शपथ उठा कर कह रहा हूँ, देखा है मैनें, सुना भी कम नहीं था पहले, ‘के आप अपना एक […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, आप अपने सभी शिक्षकों के बड़े चहेते थे । जैसी मुस्कान माँ के चेहरे पर छा जाती है, अपने बच्चे को, सामने देखते ही, ठीक वैसी ही, मुस्कान, आपके लिये, आपके अध्यापक-गण देते थे […]
जबाब…लाजवाब. ।।१।। सवाल आचार्य भगवन् ! कौन सी मोहन धूल फेकी ।मेरे भगवन् ! जा करके, किस जादूगर से सीखा, ये जादू टोना । ‘के भगवन्, आप क्या छोड़ सदलगा आयेभैय्या सारे आपके पीछे-पीछे पंक्ति लगा आये आचार्य भगवन् ! […]
सिद्धवर कूट केपार्श्व नाथ भगवान् सिद्धवर कूट पूजापार्श्व नाथ मंशा-पूर्ण जगत्-रखवाले !बाबा सिद्धवर-कूट वाले ।। आओ आओ आह्वानन मैं ।करु, पधारो हृदयाँगन में ।।मंदिर मैंने यहाँ बनाया ।कलश स्वर्ण का जहाँ चढ़ाया ।।लहराते पच-रंग जहाँ पर ।शिखर और नभ-चुम्ब कहाँ […]
दो चक्री दश काम कुमार पूजा करुणा दया क्षमा अवतार । दो चक्री दश काम कुमार ।। आज एक भव जलधि जहाज । साढ़े तीन कोटि मुनिराज ।। शिवगामी अन्तर्-यामी । बुला रहा आओ स्वामी ।। हृदय वेदि पधराता हूॅं […]
पावागिर स्थितमुनि मणि-भद्रादि पावागिर स्थित मुनि मणि-भद्रादि-पूजन मणि भद्र, जयतु-जय, स्वर्ण-भद्र ।गुण-भद्र, जयतु-जय, नील-भद्र ।।तट नदी चेलना शिव गामी ।पावागिरि सिद्ध क्षेत्र नामी ।।आवाज दे रहा दृग् सीले ।आओ भी उतर गगन नीले ।।‘मन-दर’ तुुम बिन खाली खाली ।आ कर, […]
साढ़े पांच करोड़ श्री इंद्रजीत कुम्भकर्णादि मुनिराजों की पूजन मुनि इंद्र जीत, मुनि कुम्भ करण । नुति साढ़े पॉंच करोड़ श्रमण ।। श्रीफल पास न चावल पीले । जुड़े-हाथ, नत, नैन पनीले ।। जो कुछ यही इसे स्वीकारो । और […]
बावनगजा के बड़े बाबा श्री आदिनाथ पूजन दोहा जैन दिगंबर तीर्थ की, आन, वान व शान । जय बाबा बावन गजा, आदिनाथ भगवान ।। चौपाई बाबा इक साँचे सब झूठे । बाबा बावन गजा अनूठे ।। करुँ ह्रदय से आह्वानन […]
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