सवाल आचार्य भगवन् ! आपका पूरा आहार हो जाता है और रसोई, ज्यों की त्यों रक्खी रहती है आप कुछ लेते ही नहीं हैं भगवन् ! बताइये, आपको भोजन पसंद नहीं आता क्या भगवान् आप क्या लेते है, आपको क्या […]
-
Recent Posts
Recent Comments

सवाल आचार्य भगवन् ! आपका पूरा आहार हो जाता है और रसोई, ज्यों की त्यों रक्खी रहती है आप कुछ लेते ही नहीं हैं भगवन् ! बताइये, आपको भोजन पसंद नहीं आता क्या भगवान् आप क्या लेते है, आपको क्या […]
सवाल आचार्य भगवन् ! वन्दना के समय, आपका पीछी रूप बाँसुरी लिये, अंगुली संचालन भक्ति-पाठ रूप गुंजार, और मुखप्-प्रसाद देखते ही बनता है क्या कोई विशेष राज है इसमें ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब देखो, अचरज […]
सवाल आचार्य भगवन् ! व्यक्ति सफेद-पोश, जब बड़े-बड़े अपने दोष आपको बताते हैं, और फिर जब कभी वे, प्रायश्चित भवन से बाहर, आपको टकटाने हैं, तो आप उन्हें पूर्ववत्, सहजो नजर से ही देखते हैं या फिर अपराधी की नजर […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ऐसे कैसे लैंस से देखते हैं आप, जो गलती पहाड़-सी हम आपको बताते हैं, उसका आप राई-सा प्रायश्चित दे करके, हमें निर्भर कर देते हैं, क्या आप हमारा पाप भगवन् से कह करके अपने सर पर […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ऐसा कोई प्रसंग सुनाईये ना, जिसमें माँ श्री मन्ती जी आपके लिये, ये प्रार्थना कर रहीं हो, ‘कि भगवन् “सद्बुद्धि दो इसे, नादानी करता रहता है, ये बाबू अपना” ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! दीक्षा के समय, आपके घने काले, घुँघराले, बड़े-बड़े बाल थे, सुनते हैं, खून की धारा वह चली थी, और आपके कमल से कोमल हाथ… अँगुलियाँ कट गईं होगीं, तब भगवन् ! आचार्य ज्ञान-सागर जी की क्या […]
सवाल आचार्य भगवन् ! बिनौली के समय, नगर अजमेर की गलियों में, हाथी पर सवार, आपकी राजसी पोशाक वाली ‘फोटू’ मन को लुभा लेती है तो भगवन् ! मेरी जिज्ञासा है, जब आपने “सवारी का आज से त्याग गुरु-देव” ऐसा […]
सवाल आचार्य भगवन् ! और संघों में और-और रंग के कमण्डलु हैं, आपके यहाँ, सिर्फ और सिर्फ, काले रंग का ही कमण्डलु है, क्या कोई विशेष बात है, लाल, पीले, सफेद, काले रंग के कमण्डलु रखने में ? नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! “मोक्ष मार्ग में परथम लौकी” यत्र तत्र ऐसा भैय्या, दीदी के मुख से सुनाई देता है और सच भी है, लौकी पर आपका बड़ा विश्वास है किसी का स्वास्थ्य थोड़ा भी उन्नीस बीसा क्या हुआ आप […]
सवाल आचार्य भगवन् ! इतनी तपती दोपहरी रहती है, धरती फट पड़ती है, पत्ते-पत्ते पीले हो, झड़ चलते हैं कूप-धूप की लड़ाई में, कूप हार जाते हैं लू पेट का पानी सुखाने, रोम-रोम से घुस-पैठ मचाती है ऐसी गर्मी में, […]
© Copyright 2021 . Design & Deployment by : Coder Point
© Copyright 2021 . Design & Deployment by : Coder Point