सवाल आचार्य भगवन् ! और किसी की न सही, पर श्री मद् आचार्य देेव, गुरु ज्ञान सागर जी की तो, आती ही आती होगी याद, आप के लिए है ना भगवन् उन्होंने आपको धी दी, आपने के समा-धी दी गुरु-शिष्य […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! और किसी की न सही, पर श्री मद् आचार्य देेव, गुरु ज्ञान सागर जी की तो, आती ही आती होगी याद, आप के लिए है ना भगवन् उन्होंने आपको धी दी, आपने के समा-धी दी गुरु-शिष्य […]
नमि-नाथ नमि-नाथ नमि-नाथ वृहद-चालीसा दोहा भीतर बाहर रख रहे, ‘नमी’ नाम अनुरूप । कोटि-कोटि वन्दन तिन्हें, हित निरखन चिद्रूप ।। चौपाई जम्बूद्वीप भरत भू विरली । अंग-देश कौशाम्बी नगरी ।। भव यह पिछला तीजा जानो । नाम वहाँ सिद्धार्थ पिछानो […]
नेमिनाथ वृहद-चालीसा ‘दोहा’ राज तजा, राजुल तजी, सुन पशुअन आवाज । धन आदर्श हमार वो, नेम-नाथ जिनराज ।। चौपाई जम्बूद्वीप भरत इक देशा । हस्तिनाग-पुर अंग प्रदेशा ।। भव यह पिछला तीजा जानो । नाम वहाँ सुप्रतिष्ठ पिछानो ।।१।। वर्ण, […]
पार्श्वनाथ वृहद-चालीसा दोहा- क्षमा भावना से भरे, मान कमठ हरतार । तेइसवे तीर्थेश को, नमन अनन्तों बार ।। चौपाई जम्बू दीप, भरत-भू एका । कौशल-देश, नगर-साकेता ।। भव यह पिछला तीजा जानो । नाम वहाँ आनन्द पिछानो ।।१।। वर्ण, स्वर्ण […]
महावीर स्वामी वृहद चालीसा ‘दोहा’ शासन नायक वर्तमाँ,हाथ अहिंसा ड़ोर ।वर्धमान भगवान् वे, तिन्हें नमन ‘कर’-जोड़ ।। चौपाई जम्बूद्वीप भरत-भू विरली ।कौशल प्रान्त क्षत्र-पुर नगरी ।। भव यह पिछला तीजा जानो ।नाम वहाँ नन्दन पहचानो ।।१।। वर्ण, स्वर्ण के जैसा […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘इसकी टोपी उसके सिर, उसको टोपी इसके सिर’ ये क्या बला है ? क्या कभी आपने भी, इसमें रस लिया है ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब टोपी टॉप पर होती है बौने […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आप प्रवचनों में बार बार प्रज्ञा अपराध की चर्चा करते रहते हैं यह है क्या बला, आप कहते हैं आयुर्वेद ग्रन्थों में, इसे अस्वस्थ्यता का मूल कारण कहा है खुलासा कीजिये ना स्वामिन् नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु […]
सवाल आचार्य भगवन् ! पेट भरने के बाद, किसी से कोई काम हुआ है जो आप बारह बजे से, सामायिक करने के लिए कहते है अब तो थोड़ी सी नींद लेने का समय है सुनते हैं खा पी के, पीछे […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरुणां-गुरु ज्ञान सागर जी को, जब अपना आचार्य पद बोझ लगने लगा था तब उन्होंने आपसे “दक्षिणा लाके दो” सुनते हैं, ऐसा कहा था तब आपने क्या प्रतिक्रिया प्रदर्शित की थी किसकी आँखों में आँसू थे […]
सवाल आचार्य भगवन् ! एक रोज आप, किसी चाप-नास्ते की दुकान पर, विहार के समय पल भर के लिये, क्या बैठ गये थे पत्थर के दाम आसमान छूने लगे थे भगवन् ! और फिर उस गरीब ने किसी भी कीमत […]
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