शांति नाथ वृहद चालीसा ‘दोहा’ एक प्रदाता शान्ति के, शान्ति-नाथ भगवान् । श्रृद्धा-सुमन चढ़ा रहा, यूँ ही न तीन जहान ।। चौपाई ‘जम्बू’ पूर्व-विदेहा विरली । पुष्क-वत पुण्-डरीक नगरी ।। भव यह पिछला तीजा जानो । नाम मेघरथ यहाँ पिछानो […]
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