सवाल आचार्य भगवन् ! शब्दों के तो जादूगर हो आप शब्दों के नये-नये अर्थों के सूत्रधार भी, आप ही नज़र आते हो इस-उस दुनिया में एक, एक और सिर्फ एक मूकमाटी साक्षात् उदाहरण है इसका ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! शब्दों के तो जादूगर हो आप शब्दों के नये-नये अर्थों के सूत्रधार भी, आप ही नज़र आते हो इस-उस दुनिया में एक, एक और सिर्फ एक मूकमाटी साक्षात् उदाहरण है इसका ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! क्या लिखते हैं आप, सीधा जाकर हृदय में उतर जाता है भगवन् ! गजब की मेधा, गजब की प्रज्ञा पाई है आपने अद्भुत क्षयोपशम है आपका सच सब पूर्वापार्जित पुण्य है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जो आजकल, इतने मँहगे-मँहगे पाण्डाल बनते हैं लाखों रुपये पानी-से बह जाते हैं भगवन्, अपव्यय जैसा लगता है मेरा मन शान्त हो, ऐसा कुछ कीजिये नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब सुनो, इसे शामियाना […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, ताज में चाँद, सितारे टके होते है बड़े फबते हैं, देखने वाले के लिये सो भगवन् ये बताईये ? क्या ताज पहनने वाला भी, गौरव महसूस करता है क्यों, क्योंकि आपके सिर पर भी […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुस्ताखी माफ हो, भगवन्, मुझे विकल्प उठता है बार-बार, इसलिये समाधान चाहता हूँ कोई व्यक्ति अपनी कार के पहिये के नीचे, साँप को दबा के आ गया, और आपसे प्रायश्चित माँगा, आपने छोटा-मोटा जो प्रायश्चित दिया, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, राजा रात में सोता नहीं है राजधानी में गस्त देता है तो भगवन् ! क्या मोक्ष मार्ग में भी यही स्थिति बनती है सिंहासन पर बैठना आसान है या कठिन कुछ तो बताईये नमोऽस्तु […]
सवाल आचार्य भगवन् ! माँ श्री मन्ति बतातीं थीं ‘कि पीलु, गिनी, तोता, मरि, ने कभी नवजात अवस्था से ही, दूध पानी के लिये, रो… धोकर माँग नहीं रक्खी, दिन हो या रात, तो भगवन् ! सुबह तक आपके भूख […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ऐसी गले को सुखाने वाली गर्मी में भी आपके कमरे में, न सही AC. पर एक फेन तो जायज है भगवन् ! सुनते हैं पंचम काल में मोक्ष नहीं होना है कम से कम एक मानौ […]
सवाल आचार्य भगवन् ! इतनी कठिन चर्या, तलवार का धार पर चलने जैसी और आप बड़ी ही सहजता से, निर्दोष रीति से पाल रहे हैं सच भगवन् ! कई जन्मों की साधना आपकी ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुस्सा कभी आपके नाक की सवारी कर पाया होगा मुझे तो नहीं लगता, क्यों ? क्योंकि आपकी पलकें, पंखा सा नहीं झलती हैं, जब नाक पर टिक जाती हैं, और बिना आवभगत केे, कौन देर मेहमानी […]
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