सवाल आचार्य भगवन् ! पड़ाड़ जैसे बड़े-बड़े दिन, और बिना ओर-छोर वाली घनी कालीं रातें, भगवन् ! ऐसे में भी 24 घण्टों में सिर्फ और सिर्फ एक दफा भोजन-पानी लेना, एनर्जी क्या रहती होगी ? गर्म तबे पे डाली, कि’ […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! पड़ाड़ जैसे बड़े-बड़े दिन, और बिना ओर-छोर वाली घनी कालीं रातें, भगवन् ! ऐसे में भी 24 घण्टों में सिर्फ और सिर्फ एक दफा भोजन-पानी लेना, एनर्जी क्या रहती होगी ? गर्म तबे पे डाली, कि’ […]
सवाल आचार्य भगवन् ! क्या कारण रहा के आपने प्रतिभा स्थलियाँ ब्रह्मचारी भाईयों के लिए सुपुर्द न करके, दीदिंयों के लिए उसका कार्यभार संभालने के लिए निर्देशन दिया । नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब पुरुष कुछ-कुछ परुष […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आप वर्तमान- वर्धमान हैं इसमें आज किसी को भी कोई ऐतराज नहीं है, सो वैसे तो प्रश्न ही नहीं उठता है ‘के आपके शिष्य भी आप जैसे ही, सिंह चर्या के धनी निर्भीक हों, पर भगवान् […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जहाँ सारी दुनिया पक्ष लगाकर आसमान छूने के लिये उत्सुक है, वहाँ आपने अपने एक अनन्य शिष्य का नाम जो नगर पनागर के गौरव हैं, निष्पक्ष रखा, क्या इन्हें आप शीर्ष पर पहुँचना नहीं चाहते जमींदार […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जब देखो तब आप कहते मिलते हैं देखो…देखो, सो भगवन् क्या इस देखो, शब्द का कोई विशेष अर्थ, आपके ज्ञान में झलकता रहता है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब सहजो निराकुल सहज ‘औ’ […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आपने कभी फरियाद को याद किया है किसी और से, न सही, भगवन् गुरुणांगुरु आचार्य ज्ञान सागर के सामने तो रक्खी ही होगी, कोई न कोई अपनी फरियाद, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब […]
सवाल आचार्य भगवन् ! भगवान महावीर के मंदिर में दूर तक, सुदूर तक, प्रसाद की कोई व्यवस्था नहीं है, फिर भी आपने ग्राम सीहोरा के गौरव-रत्न अपने बाल ब्रहचारी भैम्या अजित जी के लिए मुनि श्री प्रसाद सागर जी नाम […]
सवाल आचार्य भगवन् ! चतुर्विध संघ आपका, एकदम छरहरा सा दिखता है सभी नई उम्र के साधक हैं भगवन् ! खूब तपस्या कराते हैं आप इनसे, के ये ऊनोदर तप के रसिक से बन गये है ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आपके संघ में एक, खुरई के की महाराज श्री जी भी हैं उनका नाम निराकुल सागर जी, रखने में क्या विशेष राज है ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब यहाँ की जैनी मनीषा […]
सवाल आचार्य भगवन् ! एक दमोह के महाराज श्री जी हैं, जिनका नाम आपने निर्मोह सागर जी रक्खा है तो भगवन् ! कोई विशेष राज छिपा है, इनके नाम के साथ, या फिर आपने अपने कवि कौतुक लहजे में दमोह […]
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