सवाल आचार्य भगवन् ! सन्यास आश्रम तो समझ में आया है ये वृद्धाश्रम क्या है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब यह पहले विरथा आश्रम था हा ! आज व्यथा आश्रम है आसमां में जा के सभी खो […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! सन्यास आश्रम तो समझ में आया है ये वृद्धाश्रम क्या है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब यह पहले विरथा आश्रम था हा ! आज व्यथा आश्रम है आसमां में जा के सभी खो […]
सवाल आचार्य भगवन् ! महात्मा में ढ़ेढ़ माँ, परमात्मा में दो माँ ऐसा है क्या माँ में सभी ने आगे-पीछे माँ को क्यों लगा रक्खा है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब भर पेट भर भर प्लेट बच्चों […]
सवाल आचार्य भगवन् ! फटे में टाँग अड़ाने का खूब मन करता है, और एक कदम आगे बढ़ जाता हूँ फिर मुँह की खाता हूँ क्या करूँ नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब दे…बता क्या दो से जियादा […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जिनवाणी सहज साध्य है, या दुरुह नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब सुनो, माँ आगे लगा करके बोलते हैं तो वाणी यानी भाषा मातृ भाषा हो चालती है और बड़ी आसां हो चालती है […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘माँ रखती करिश्मा’ ऐसा क्यों कहते हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब कलम थमा नन्हें-नन्हें हाथों में थमाती है सुनहरा कल माँ गरम हुए बिना ‘दव’ जैसे ‘बाजी मारना’ कुहासे जैसे सीखना माँ […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरुदेव को साईटिया हो चला था, ज्यादा दूर दूर विहार नहीं हो पाता होगा तब आपका मन दूर देश जाने का नहीं करता था वहीं-वहीं घूमते-घूमते मन ऊब जाता होगा है ना नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरुदेव ज्ञान सागर जी का जयकार आप मंगलाचरण रूप पहले तो, हर रोज करते ही हैं लेकिन कोई विशेष बड़ा कार्यक्रम होता है तब बीच में बीच मंगलाचरण रूप जयकार लगाते हैं और अंत में अंतिम […]
सवाल आचार्य भगवन् ! जमा…ना बँटवारा वो भी माँ का ? नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब राज… धरती भगवान् की प्रतिमा आज ‘धरती’ भगवान् की प्रति…माँ उसके साथ में ई…माँ माँ…ई जिसके साथ में बच्चे का बँटवारा […]
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरु भगवान् आप लोग जो बात कहते हैं बच्चे जल्दी से मान जाते हैं और हम कहते कहते थक जाते हैं फिर भी नहीं मानते हैं जाने क्या लीला है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक पंथ दो काज’ क्या है यह भला नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब अद्भुत कला है यह कहाँ जाल दिखता चिड़िया माँ को सिर्फ और सिर्फ अपना लाल दिखता माने चिड़िया माँ…ने अपने […]
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