सवाल आचार्य भगवन् ! संघों में आजकल गरमी में ही नहीं, जिस किसी मौसम में खूब चलते हैं आहारों में रसों पे रस एकाध ग्रास नहीं, ऐसा वैसा गिलास नहीं गिलास पटियाला भर भर के रस सन्तरे का रस पाइनएप्पल […]
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सवाल आचार्य भगवन् ! संघों में आजकल गरमी में ही नहीं, जिस किसी मौसम में खूब चलते हैं आहारों में रसों पे रस एकाध ग्रास नहीं, ऐसा वैसा गिलास नहीं गिलास पटियाला भर भर के रस सन्तरे का रस पाइनएप्पल […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आप कहते हैं बिना क्षमा माँगे ही अपने से छोटों के लिये क्षमा कर देना चाहिये भूलें करना छोटों का स्वभाव है और भूल जाना बड़ों का सो गुरुजी ऐसा कब तक चलाना है नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! देवी गान्धारी यदि अपनी आँखों पर पट्टी नहीं बाँधतीं तो राजा धृतराष्ट्र की ज्यादा मदद कर सकतीं थी आँखों पर पट्टी बाँध करके तो स्वयं ही दूसरों के आश्रित रहना हो चला होगा अपने पतिदेव की […]
सवाल आचार्य भगवन् ! नव देवताओं में, अरिहत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, जिन चैत्य, चैत्यालय व जिनागम तो समझ में आता है, पर जिन धर्म क्या है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब पूछा है जिन धर्म क्या […]
सवाल आचार्य भगवन् ! कई रिश्ते रंग रूप की वजह से जुड़ते-जुड़ते टूट जाते है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब गोरे रंग ‘से कॉलर दो दिन तो उठ सकती है पर ध्यान रखना चाहिए हमें जिन्दगी चार […]
सवाल आचार्य भगवन् ! ऑटो मोबाइल वाला ही नहीं ऑटो रिक्शा वाला भी मोबाइल वाला है आजकल नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब आजकल बच्चा ‘मुं…बाय…ला’ कर सामने रख दो बस कम न मोबाइल जश कह रहा सिर्फ […]
सवाल आचार्य भगवन् ! रास्ते में एक जगह भीड़ जमा थी जाकर देखा तो मदारी खेल दिखा रहा था बन्दो डमरू की ताल पर नाँच दिखला रही थी भगवान् कैसे छिन चालती है स्वतन्त्रता नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, […]
सवाल आचार्य भगवन् ! वन अच्छा है, जीवन में तो उलफतों के सिवा कुछ भी नहीं है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब सुनो, काँटों के बीच फूल मुस्कान लेते रहते हैं कुछ अटपटा सा नहीं लगता है […]
सवाल आचार्य भगवन् ! मन में कई विकल्प उठते रहते हैं, ऐसा हो जायेगा तो क्या करूँगा, वैसा हो जायेगा तो क्या करूँगा डरता ही रहता हूँ अनहोनी के बारे में सोचकर नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब […]
सवाल आचार्य भगवन् ! माँ सबसे हटके क्यों होती है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब दादा के सपने में खेत खलियान बाड़ी दादी के सपने में किचिन-मकान-क्यारी पापा के सपने में पैसा-दुकान-दारी ‘दे दिखाई’ मगर माँ के […]
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