परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 743 हाईकूप्रभु, न सुख ही, दें दुख भी, पै, दें गुरु...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 742 हाईकूशीश झुकाते ही गुरु को, ‘कि रीझ जाते...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 741 हाईकूमाँ हैं, आत्मा हैं‘गुरुजी’ महात्मा...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 740 पतझड़ मैं, क्या न करना मुझे सावन गुरु जीपामर...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 738 हाईकूदेते हैं चाँद तारे छुवा,‘गुरु जी’...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 738 हाईकूदेते हैं चाँद तारे छुवा,‘गुरु जी’...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 737 हाईकूभाग जगाते, गुरु खिवैय्या, नैय्या, पार...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 736 हाईकूजिसने आप को लिया पड़गा, वो बड़ भागवाँ...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 735 कभी लौटाते न हाथ खाली, गुरु गो-देवों वाली...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 734 हाईकूमिलता सुकूँ, हों रूबरू गुरु, तो होता...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 733 हाईकूउठे श्री गुरु नजर, ‘कि अंधेरा छू लगा...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 732 हाईकू समाँ भगवान्,बाँटा करते गुरु मुफ्त...
