परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 983 सिर्फ और सिर्फ हूँ तेरा मैं है इसका गर्व...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 982 गुरु शिष्य का रिश्ता कभी न रिसता दिन दिन...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 981 साहुनी-फुहार बरसे द्वार-द्वार झूम उठे...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 980 पराये नहीं, है तेरे अपने ही हम यूँ ही रखना...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 979 सबसे बड़े, गुरु जी मेरे गुरु जी के पैर पड़े...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 978 मेरे सर पर, मेरे गुरु का हाथ है मेरा माथा करे...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 977 लो भक्तों की पुकार सुन जोड़ भव-भव सातिशय पुन...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 976 तुम भक्तों की सुनते हो अपना भक्तों को चुनते...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 975 मंगलम्, मंगलम् गुरुवरम्, मंगलम् वन्दनम्,...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 974 “मत डर ये डर तुझे पायेगा छू ना मैं हूँ ना”...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 973 गुरु पूजन करने से इक खुशी अलग ही मिलती है...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 972 बरसती ही रहती है मुझ पर तेरी किरपा यूँ ही...
