परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 220 लाज सभी की रख लेते ।काज बना सब के देते ।।वे...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 219 विद्या सिन्धु अहो । इक तुम्हीं निराकुल हो...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 218 नहिं और निराकुल इनसा । यहिं इक पूरण ऽखिल...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 217 सुनते दुख हर लेते ।झोली सुख भर देते ।।हूँ...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 216 तुम सुन लेते सबकी । नैय्या खेते सबकी ।। मैं...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 215 सुन पीड़ा लो ।ले बीड़ा लो |।कल्याण का ।मेरे...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रंमाक 214 सुना, सुना करते दुख हो । सुनते ही हरते दुख को...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 213 नफरत नहीं किसी से,मतलब तुम्हें सभी से ।ओ...
पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 212 ‘रे मगन निराकुलता में ।माहनन पताका थामे ।।गुरु...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 211 नाराज किसी को कभी न करते हैं ।जो राज सभी के...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचितपूजन क्रंमाक 210 निराकुल और न्यारे ।बच्चे जिनको प्यारे ।।रब...
परम पूज्य मुनि श्री निराकुल सागरजी द्वारा रचित पूजन क्रमाक 209 ओ ! करने वाले करुणा । सुनते ! जो आता शरणा ।। ...
