सवाल आचार्य भगवन् ! पुण्य पाप को सरल भाषा में कैसे समझ सकते हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब बन्दर की उछल कूॅंद सारी मदारी की जेब भारी जमा…ना मानते मॉंझी की खूबी और तारने वाली पनडुबी […]

सवाल आचार्य भगवन् ! पुण्य पाप को सरल भाषा में कैसे समझ सकते हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब बन्दर की उछल कूॅंद सारी मदारी की जेब भारी जमा…ना मानते मॉंझी की खूबी और तारने वाली पनडुबी […]
सवाल आचार्य भगवन् ! निराकुल चौबीसी में ‘न’ से नामकरण किया है आपने सभी मुनिराजों का, अद्भुत है, पर बहुत सोचने पड़े होंगे नाम एक से एक से नाम आपने क्यों रक्खे हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… […]
सवाल आचार्य भगवन् ! न कह सकूँगा मैं… नादान तुम्हें, यह एक कविता आपने स्वामिन् मुझे आज आकर के सपने में सुनाई थी मैं भूल चला हूॅं कृपया पुनः सुना दीजिए ना नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सन्मृत्य, समाधि, सल्लेखना में क्या करना होता है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब खेल ना ‘री चलती रेलगाड़ी से उतरना अब चलना न चलेगा पड़ेगा दौड़ना वो भी न चलेगा आहिस्ते-आहिस्ते और न […]
सवाल आचार्य भगवन् ! समशरण सभा बारा क्यों हैं गंधोदक वर्षण मन्द-मन्द पवन वर्षा स्वर्ग सुमन समशरण में किस कारण से होतीं हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब चूँकि सभासद न एक पे एक ग्यारा सो समशरण […]
सवाल आचार्य भगवन् ! आप ऐसा क्यों कहा करते हैं ‘कि कोई निंदक मेरे साथ हमेशा रहा आये नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब आँखों को गढ़ा कर भी देखने से, आँखों का गीड़ रह ही जाता है […]
सवाल आचार्य भगवन् ! निन्दक को आँगन कुटी छवाय रखने के लिए क्यों कहा है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब निन्दक नि यानि ‘कि निखारता बिन गंग उदक निन्दक सर…दार जिगर…दार शिख खपा ‘अपना सर’ खुजला निंदक […]
सवाल आचार्य भगवन् ! पीछी मोर पंखों की ही क्यों रखते हैं आप पीछिका परिवर्तन क्या कहता है हमसे नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब अपना, कुछ कुछ-कुछ बहुत-कुछ धीरे-धीरे सब-कुछ गवा देती है भोला मुँह बोला अपना […]
सवाल आचार्य भगवन् ! दौड़ कर के, क्या जल्दी से पार किया जा सकता है मोक्ष मार्ग नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब… लाजवाब नाम भले मोक्ष मार्ग परन्तु करनी नहीं दौड़-भाग दौड़-भाग तो रगेंगी दाग से चूनर चूनर […]
सवाल आचार्य भगवन् ! मेरा मन किसी का बुरा करना तो दूर रहा, बुरा सोचना भी नहीं सीखा है सब आपका ही आशीर्वाद है लेकिन लोग बाग जब तब मेरे साथ बुरा करने से नहीं चूकते हैं नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु […]
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