(११) ‘मुझसे हाई… को ?’ *ओ लाडो, सूट हैं फूल अगर तो खुश्बू चूनर* ‘मेरे साथ क…वीता’ *आँख से नाक के भारी दाम यूँ ही थोड़े ही स्वर्ग ने ‘रख लेने […]

(११) ‘मुझसे हाई… को ?’ *ओ लाडो, सूट हैं फूल अगर तो खुश्बू चूनर* ‘मेरे साथ क…वीता’ *आँख से नाक के भारी दाम यूँ ही थोड़े ही स्वर्ग ने ‘रख लेने […]
(१) ‘मुझसे हाई… को ?’ *जीत चुनरी से हमारी नजर-नजर-काली* ‘मेरे साथ क…वीता’ *नजर हे मेरे ईश्वर ! जमाने जमाने जो खोटी थी मैं जब छोटी रख दी थी आई ने टिकली काली मैं हुई क्या बड़ी अपने पैरों पे […]
वर्धमान मंत्रॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरिसहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम् गच्छइआयासम् पायालम् लोयाणम् भूयाणम्जूये वा, विवाये वारणंगणे वा, रायंगणे वाथम्भणे वा, मोहणे वासव्व पाण, भूद, जीव, सत्ताणम्अवराजिदो भवदुमे रक्ख-रक्ख स्वाहाते रक्ख-रक्ख स्वाहाते मे रक्ख-रक्ख स्वाहा ।।ॐ ह्रीं वर्तमान शासन नायकश्री वर्धमान जिनेन्द्राय नमःअर्घं निर्वपामीति स्वाहा […]
मुनि श्री निराकुल सागरजी महाराज
मुनि श्री निराकुल सागरजी महाराज
मुनि श्री निराकुल सागरजी महाराज
सवाल आचार्य भगवन् ! हंस विवेक, नीर-क्षीर विवेक क्या कहलाता है नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् जवाब… लाजवाब सुनिये, भुवन-भुवन एक हंस विवेक होगी चील के पास होगी पैंनी नजर जो न पड़ती अगर घूरे पे डले चूहे पर […]
सवाल आचार्य भगवन् ! निर्विचिकिसा मतलब क्या होता है सरल सा अर्थ सुनना चाहता हूं नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् जवाब… लाजवाब सुनिये, ग्लानि लगाना पड़ता डण्डा यदि गलानी गला नीर से तर कर ले अरे ! पग’ले ग्लानि […]
सवाल आचार्य भगवन् ! फकीर में और भिखारी में क्या अन्तर है नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् जवाब… लाजवाब सुनिये, जमीन आसमान का अन्तर है फकीर और भिखारी में फकीर फाका तो रख लेगा किन्तु परन्तु जीभ लपलपा, लार […]
सवाल आचार्य भगवन् ! सरल शब्दों में धर्म को कैसे परिभाषित कर सकते हैं नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् नमोऽस्तु भगवन् जवाब… लाजवाब सुनिये, बड़ा प्यारा शब्द हैं धरम बहुत कुछ कहता-सा किन्तु परन्तु देता उसे सुनाई, जिसकी आंख थोड़ी भी […]
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