सवाल आचार्य भगवन् ! पत्थर-मकराना कहता है ‘कि, ‘मैं इक राणा’ मैं पत्थरों...
सवाल आचार्य भगवन् ! दिन भर एक ही आसन से बैठे बैठे आपकी कम्मर जवाब नहीं देने...
सवाल आचार्य भगवन् ! खूब बरसता है, चार महीने मूसल सी धार लगाकर, ताल, नदिया, सागर...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप कहते हैं, घी ब्रह्म-रन्ध से सात पर्तों के भीतर जाकर...
सवाल आचार्य भगवन् ! मानते है बादाम दाम ज्यादा रखती है, उसे नहीं लेते न सही, पर...
सवाल आचार्य भगवन् ! नेकी का रास्ता आप खुद नापते हैं दीन-दुखियों के आँसू अपने...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपके घुटने साइकल चलाते वक्त, लहुलुहान हुये, जगह जगह जख्म...
सवाल आचार्य भगवन् ! आजकल संहनन हीन पे हीन, होता चला जा रहा है और प्रकृति से...
सवाल आचार्य भगवन् ! जैसे माँ बच्चों को दूर से ही, आता क्या देख लेती है स्वस्ति...
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, जब आप नव दीक्षित थे तब प्रतिक्रमण के समय, आपकी...
सवाल आचार्य भगवन् ! एक ही आसन से देर तक बैैठे रहते हैं आप, जब देखो तब लिखते,...
सवाल आचार्य भगवन् ! देखा तो नहीं, पर सुना जरूर है, जब आप रात्रि विश्राम करते...
