सवाल आचार्य भगवन् ! कई रिश्ते रंग रूप की वजह से जुड़ते-जुड़ते टूट जाते है...
सवाल आचार्य भगवन् ! ऑटो मोबाइल वाला ही नहीं ऑटो रिक्शा वाला भी मोबाइल वाला है...
सवाल आचार्य भगवन् ! रास्ते में एक जगह भीड़ जमा थी जाकर देखा तो मदारी खेल दिखा...
सवाल आचार्य भगवन् ! वन अच्छा है, जीवन में तो उलफतों के सिवा कुछ भी नहीं है...
सवाल आचार्य भगवन् ! मन में कई विकल्प उठते रहते हैं, ऐसा हो जायेगा तो क्या...
सवाल आचार्य भगवन् ! माँ सबसे हटके क्यों होती है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु...
सवाल आचार्य भगवन् ! सन्यास आश्रम तो समझ में आया है ये वृद्धाश्रम क्या है...
सवाल आचार्य भगवन् ! महात्मा में ढ़ेढ़ माँ, परमात्मा में दो माँ ऐसा है क्या...
सवाल आचार्य भगवन् ! फटे में टाँग अड़ाने का खूब मन करता है, और एक कदम आगे बढ़ जाता...
सवाल आचार्य भगवन् ! जिनवाणी सहज साध्य है, या दुरुह नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘माँ रखती करिश्मा’ ऐसा क्यों कहते हैं नमोऽस्तु भगवन्,...
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरुदेव को साईटिया हो चला था, ज्यादा दूर दूर विहार नहीं...
