सवाल आचार्य भगवन् ! मानते हैं किन्हीं सन्त को ‘गुजरात केशरी’ इसलिये कहते...
सवाल आचार्य भगवन् ! मुरारी तो कृष्ण जी को कहते हैं है ना लेकिन भगवन् सिंरोज...
अ = विष्णु, शिव, ब्रह्मा, वायु, अग्नि आ = हाँ स्वीकृति, दया (आह), पीड़ा, खेद,...
श्री सिद्ध जी सार्थक नाम है सिद्ध भगवान का, जो जो अभीष्ट था, वह सिद्ध कर लिया...
उत्तम ब्रह्मचर्य (१) उत्तम ब्रह्मचर्य मतलब कछुआ भीतर यदि आप पूछते ही है उससे...
आकिंचन्य (१) आकिंचन्य मतलब नफरत नहीं रखना किसी से भी मतलब नहीं रखना (२)...
त्याग (१) त्याग मतलब जीवन यदि हम छोड़ेंगे नही न तब लेंगे कैसे श्वास भाई समझने...
संयम (१) हमारा हाथ, भांत हाथी बस नाम का है सिर्फ हाथी की सूँड जैसा है हमारी...
सत्य (१) आई नहीं ‘कि साँझ लो फूल धूल में मिला वैसे यह सफेद झूठ है कड़वा सच तो यह...
लोभ (१) नदी वगैर पैसे लिये ही मीठा पानी पिला चली मैंने फलाई झोली किसी को वगैर...
माया (१) स्वयं शब्द ही कह रहा है मॉं…या मैं दोनों में से कोई एक रहेगा अब मर्जी...
