सवाल आचार्य भगवन् ! इतने बड़े-बड़े पाण्डाल लगा कर रखते हैं, आजकल कमेटी वाले लोग, पंच कल्याणकों में, और कम नहीं...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपके विहार के समय, बड़-बड़े सन्त-महन्त, आपकी चरण वन्दना के लिये, फूल-पत्ती, श्री फल, गंगाजल...
सवाल आचार्य भगवन् ! दुपट्टे का छोटा छेद मोटा होने के बाद भी, आप नये दुपट्टे के लिये, हाँ नहीं भरते थे क्यों...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की लाठी थे, सुनते हैं, चश्में भी थे, आप उनके ऐसा लोग...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपने बिनौली के समय, मेंहदी की बात आते ही, जल्द ही अपने दोनों हाथ आगे कर दिये थे क्या आपको...
सवाल आचार्य भगवन् ! दरवाजे के लिए आप न तो खोलते है, और न ही लगाते है, ऐसा मुनिराजों के मुख से सुना है, तो इसमें...
सवाल आचार्य भगवन् ! बहुतों के मुख से सुना है, आपका पूरा पैर जमीन पर नहीं पड़ता है कुछ कुछ अधर रहता है, क्या यह...
सवाल आचार्य भगवन् ! सुुनते हैं, ब्रह्मचारी-विद्याधर जी, मंदिर जी में कोई शास्त्र खोलें, तो पूरा करके ही उठते...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपके गुलाबी चरण को देख करके, भंवरे फूलों को छोड़, आपके इर्द-गिर्द मँडराते रहते हैं ऐसा...
सवाल आचार्य भगवन् ! श्राविका तो दूर, श्रावकों से भी आप, नजरें मिला के, बात नहीं करते है लेकिन भगवन् ! नजरें न...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपका पूरा आहार हो जाता है और रसोई, ज्यों की त्यों रक्खी रहती है आप कुछ लेते ही नहीं हैं...
सवाल आचार्य भगवन् ! वन्दना के समय, आपका पीछी रूप बाँसुरी लिये, अंगुली संचालन भक्ति-पाठ रूप गुंजार, और...
