सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, आचार्य ज्ञान सागर जी महाराज, किसी वस्तु का त्याग करते थे, तो उसका विकल्प नहीं...
सवाल आचार्य भगवन् ! दीक्षा की रजत क्या स्वर्ण जयंती निकलने को है, लेकिन देखते आ रहे है हम स्वयम्, आपके बाजोटे...
सवाल आचार्य भगवन् ! मल्लप्पा जी ने तो आपके लिए बहुत डॉंटा था, सुनते है, जब साइकल, हाथ छोड़ के चलाते हुये देखा...
सवाल आचार्य भगवन् ! लोगों को आपके सपने आते हैं, आये दिन सुनने में आ जाता है, ‘के आज गुरु जी को आहार दिया...
सवाल आचार्य भगवन् ! कहीं भी आप, नये पत्थर के मंदिर बनाने के लिये, आशीर्वाद दे देते हैं यद्यपि आप यह जानते हैं,...
सवाल आचार्य भगवन् ! ब्रहचारी विद्याधर जी खेस नहीं रखते थे, पर भगवन् ! वह तो फलालेन का सूती ही होता है क्या सोच...
सवाल आचार्य भगवन् ! तत्त्व ग्रहण ही जब टेड़ी खीर है, तब आप जाल में फँसी पहली मछली छोड़, उसे जीवन दान देने वाले के...
सवाल आचार्य भगवन् ! पुराने भैय्या बहिन रह जाते हैं, और नये लोगों को आप दीक्षा दे देते हैं तो क्या चीन-चीन...
सवाल आचार्य भगवन् ! प्रतिभा मण्डल की दीदिंयाँ, और हथकरघा की बहिनें, आपसे खूब समय पाती हैं, क्या ‘कमाऊ पूत,...
सवाल आचार्य भगवन् ! आपके आहार माता जी, महाराज जी, व्रति भाई-बहिन के यहाँ, प्राय: करके होते ही रहते हैं, अब...
सवाल आचार्य भगवन् ! ये तो जगत् प्रसिद्ध ही है ‘कि प्रस्तर से प्रतिमा, माटी से मूर्ति बनाती है, लेकिन भगवन् !...
सवाल आचार्य भगवन् ! जब माँ श्री मन्ती कहती थीं, बालक विद्याधर से, ‘के मैं तो छोटी सी, सुन्दर सी, बहुरिया...
