महावीर स्वामी वृहद चालीसा ‘दोहा’ शासन नायक वर्तमाँ,हाथ अहिंसा ड़ोर ।वर्धमान भगवान् वे, तिन्हें नमन...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘इसकी टोपी उसके सिर, उसको टोपी इसके सिर’ ये क्या बला है क्या कभी आपने भी, इसमें रस...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप प्रवचनों में बार बार प्रज्ञा अपराध की चर्चा करते रहते हैं यह है क्या बला, आप कहते हैं...
सवाल आचार्य भगवन् ! पेट भरने के बाद, किसी से कोई काम हुआ है जो आप बारह बजे से, सामायिक करने के लिए कहते है अब तो...
सवाल आचार्य भगवन् ! गुरुणां-गुरु ज्ञान सागर जी को, जब अपना आचार्य पद बोझ लगने लगा था तब उन्होंने आपसे...
सवाल आचार्य भगवन् ! एक रोज आप, किसी चाप-नास्ते की दुकान पर, विहार के समय पल भर के लिये, क्या बैठ गये थे पत्थर के...
सवाल आचार्य भगवन् ! एक रात मैंने, सपने में आपको बस चलाते हुए, देखने का अक्षम्य अपराध कर लिया था भगवन् ! मैं...
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, आपके गरभ में आने के कारण, माँ का गौरव बढ़ गया था, उन्हें मान सम्मान कुछ हटके ही,...
सवाल आचार्य भगवन् ! सुनते हैं, आपका चरणोदक लगाते ही, एक दादी माँ की आँख फिर-के आ गई थी ये तो चमत्कार है ना...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप दिग्गज सन्तों में से एक हैं आज आपका सानी पूरी दुनिया में नहीं है ऐसा प्रत्येक मंच एक...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप तलस्पर्शी ज्ञान रखते हैं आपके आगे विद्वानों की बोलती बन्द हो जाती है, किसी की भी एक...
सवाल आचार्य भगवन् ! आप अपने शिष्यों को, भगवान् महावीर स्वामी स्वामी कुन्दकुन्द, आचार्य ज्ञान सागर जी या आप...
