सवाल आचार्य भगवन् ! गुस्सा सिर्फ छीनता ही छीनता है, या फिर कुछ देता भी है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्,...
सवाल आचार्य भगवन् ! भाग के शादी करना, कहाँ तक जायज है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब…...
सवाल आचार्य भगवन् ! मन दूसरों को दिखाने के लिए, आईना की का बोझ लिये घूमता फिरता है कैसे समझाऊँ नमोऽस्तु...
सवाल आचार्य भगवन् ! आत्म हत्या को पाप क्यों माना है नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्, जवाब…...
सवाल आचार्य भगवन् ! बेवजह अपनों के ऊपर, गुस्सा उतारता रहता हूँ कैसे संभलूँ नमोऽस्तु भगवन्, नमोऽस्तु भगवन्,...
सवाल आचार्य भगवन् ! रास्ते से चलता हूँ, फिर भी गाड़ी ठोक ही देता है, कोई न कोई आकर के, बगैर बनाये बैरी बनते जा...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ आकर जो देखा तो पिंजरा खाली मिला चले जाते पर कह कर तो जाते अलविदा दौड़े दौड़े...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ तुम चले गये किधर साथ-साथ जीने-मरने के वादे भुलाकर मुझे रुलाकर तुम चले गये...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ मत भुलाओ मत रुलाओ अब आ भी जाओ देखो भी तो मेरी, ये सूरत रोनी अब हो चली बहुत आँख...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ रह-रह के रुलाये तू मुझे, याद पे याद आये वो मुस्कान तेरी थी जो जान मेरी...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ मुड़-कर न आये, जो गये तुम… जाने कहाँ खो गये है भी तो नहीं पंख, लगा-के जिनको खोज...
सवाल आचार्य भगवन् ! ‘एक गीत’ जीवन लकीर ले गये, हाथों की मेरी तुम गये क्या गये नींद ले गये, रातों की मेरी...
