सिद्ध-चक्र मंडल विधान तृतीय वलय श्री वर्धमान मंत्रॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम्...
सिद्ध-चक्र मंडल विधान द्वितीय वलय श्री वर्धमान मंत्रॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम्...
सिद्ध-चक्र मंडल विधानप्रथम वलय श्री वर्धमान मंत्रॐणमो भयवदोवड्ढ-माणस्सरि-सहस्सजस्स चक्कम् जलन्तम्...
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म विधान समर्पण भावनाटूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली अपूर्व जाग ।चीर घना अंधकार,एक जग उठा...
उत्तम त्याग धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम तप धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम संयम धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम सत्य धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम शौच धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम आकिञ्चन धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम आर्जव धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
उत्तम मार्दव धर्म विधान समर्पण भावना‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’‘धन्य घड़ी, धन्य भाग’टूट चली चिर निद्रा,जुड़ चली...
