सुमतनाथ लघु चालीसा=दोहा=भक्ति नाव में बैठ के, सुनते लाखों पार ।आ प्रभु कीर्तन से जुड़ें,थोड़ा समय निकाल ।।१।।...
पद्म प्रभलघु चालीसा=दोहा=सुमरण सु’मरण मान के, आ क्षण जुड़े इकाध ।भागवान वे लोग हैं, बाबा जिनके साथ ।। आप...
सुपार्श्वनाथलघु चालीसा=दोहा=कलजुग प्रभु भक्ति सिवा, और न मुक्ति जहाज । आ भगवत रँग में रँगें, छोड़ भवद अर-काज...
चन्द्रप्रभु लघु चालीसा=दोहा=धका-धका शिव ले चले,कीर्तन पाछी पौन ।आ पल दो पल के लिये,नम करते दृग् कोन ।। एक...
सुविधनाथलघु चालीसा=दोहा=और तुम सिवा कौन है,मानस मंशा पूर ।सुविध नाथ करके कृपा,विध बन्धन दो चूर ।। तुम्हें...
शीतलनाथलघु चालीसा=दोहा=सार्थ नाम ‘रिश्ता’ रखे,ऐसी ही कब बात । एक बार प्रभु हाथ मेंदेखो देकर हाथ ।। दया...
श्रेयोनाथलघु चालीसा=दोहा=श्रेयस् कलि कल्यान के, आप एक आधार । तभी एक सुर जग करे, जिन श्रेयस् जयकार ।। तुम...
वासु पूज्यलघु चालीसा=दोहा=आ सुमरण से जुड़ चलें,भले घड़ी एकाध ।सुना, डूबते के लिये,काफी तिनका साथ ।। दिल दया से...
विमलनाथलघु चालीसा=दोहा=लगे हाथ यूँ ही कहाँ, सुमरण सु’मरण हेत । पलक सही, पै थामते, आ प्रभु सुमरण केत ।।...
अनन्तनाथलघु चालीसा‘दोहा’श्री-फल हाथों का लिया,कर लाखों का काम ।पर दुख कातर ! हे प्रभो,जिनवर नन्त प्रणाम...
धर्मनाथ लघु चालीसा =दोहा=भक्तों का ताँता कहे, साचाँ तेरा द्वार । बिठा मुझे भी लो प्रभो,भक्त-अनन्य कतार ।।...
शांतिनाथलघु चालीसा‘दोहा’कोई रखता ध्यान है,भक्तों का तो आप ।जग यूॅं ही थोड़े जपे,‘जयतु शान्ति-जिन’...
